इनकम टैक्स कैलकुलेटर FY 2026-27 (नई बनाम पुरानी टैक्स प्रणाली)

₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन, ₹12 लाख तक टैक्स रिबेट (87A) व 14% सरकारी NPS छूट शामिल

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Tax Parameter (Annual) 7th CPC (New Regime) 7th CPC (Old Regime) 8th CPC (New Regime)

सरकारी पदों के लिए 1-क्लिक प्रीसेट (रेलवे, डिफेंस, CAPF, SSC, डॉक्टर)

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सरकारी कर्मचारियों के लिए इनकम टैक्स, वित्त वर्ष 2026-27

यह कैलकुलेटर आपकी सैलरी पर नई टैक्स व्यवस्था और पुरानी टैक्स व्यवस्था दोनों में इनकम टैक्स निकालता है और बताता है कि किसमें ज़्यादा बचत है। नई व्यवस्था में वेतनभोगियों को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है और धारा 87A की छूट से ₹12 लाख तक की कर-योग्य आय पर टैक्स नहीं लगता, उससे थोड़ा ऊपर मार्जिनल रिलीफ़ मिलता है। धारा 80CCD(2) के तहत नियोक्ता का NPS अंशदान दोनों व्यवस्थाओं में घटाया जा सकता है।

पुरानी व्यवस्था में आप धारा 80C (₹1.5 लाख तक), धारा 80D स्वास्थ्य बीमा और धारा 10(13A) के तहत HRA छूट भी ले सकते हैं। दोनों व्यवस्थाओं में 4% स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर जुड़ता है।

एक-टैप प्रीसेट रेलवे, रक्षा, CAPF, SSC और चिकित्सा सेवाओं के आम पदों की सामान्य सैलरी सैलरी कैलकुलेटर में भर देते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सरकारी कर्मचारियों की ₹12 लाख तक की आय टैक्स-फ़्री है?

नई टैक्स व्यवस्था में धारा 87A की छूट के कारण ₹12 लाख तक की कर-योग्य आय पर टैक्स नहीं है। ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर असल में टैक्स नहीं लगता।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए कौन-सी टैक्स व्यवस्था बेहतर है?

यह आपकी कटौतियों पर निर्भर है। अगर आप बड़ी HRA छूट, धारा 80C और 80D की कटौतियाँ लेते हैं तो पुरानी व्यवस्था बेहतर हो सकती है; वरना नई व्यवस्था में आमतौर पर कम टैक्स लगता है। ऊपर का कैलकुलेटर आपकी सैलरी पर दोनों की तुलना करता है।

क्या नियोक्ता का NPS अंशदान टैक्स-योग्य है?

नियोक्ता का NPS अंशदान दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में धारा 80CCD(2) के तहत घटाया जा सकता है, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बेसिक पे + DA के 14% तक।